Friday, 19 September 2014

मेरी मन्जिल

सीढिया उन्हे मुबारक हो,
जिन्हे छत तक ही जाना है
मेरी मन्जिल तो आसमान है
रास्ता खुद मुझे बनाना है!

Saturday, 9 August 2014

देश में क्या हो नहीं सकता...

मिट्टी में मिला दे कि जुदा हो नहीं सकता,
अब इससे ज़्यादा मैं तेरा हो नहीं सकता।

दहलीज पर रख दी है किसी शख्स ने आखें,
रौशन कभी इतना तो दिया हो नहीं सकता।

पंख तो लगा ले अपने सपनो को एक बार,
इतना ऊँचा तो आसमान हो नहीं सकता।

ज़रा कदम तो बढ़ा अपनी मंज़िल की ओर,
इतना दूर तो कोई रास्ता हो नहीं सकता।

बस तू मेरी आवाज़ से आवाज़ मिला दे,
फ़िर देख कि इस देश में क्या हो नहीं सकता।

Wednesday, 19 March 2014

सुलग उठी है चिंगारी


सुलग उठी है चिंगारी ये बन के आग फ़ैलेगी,
ज़मी से आसमां तक सबको अपनी हद में ले लेगी।

हमें तिनके ना समझो जो उड़ जाएँ हवाओं से,
ये दीवानों की टोली अब तो हर तूफ़ान झेलेगी।

लड़ेगा देश का हर नौजवां हक की लड़ाई को,
ना अब गैरों के हाथों में कोई तक़दीर खेलेगी।

यकीन जिसने किया खुद पर सितारे की तरह चमका है,
तेरे ख्वाबों की दुनिया भी हकीक़त रूप ले लेगी। 

Tuesday, 4 February 2014

Sachin Tendulkar receives Bharat Ratna


Sachin Tendulkar notched up another prestigious first when he joined the list of the nation's Bharat Ratnas today. The President awarded him with India's highest civilian honour at a ceremony at the Rashtrapati Bhavan. 
Sachin is the first sportsman to be given the honour; he beat hockey legend Dhyan Chand to get the first Bharat Ratna. At 40, he is also the youngest. 
Sachin, also a Rajya Sabha member, is expected to attend Parliament when it convenes for a two-week session tomorrow.

A day after he retired from Test cricket last November, Tendulkar dedicated the Bharat Ratna "to all mothers of India."
 
"There are millions and millions of mothers in India who sacrifice many things for their children. I would like to share my award with them," he had said.